मन पर पड़ी गांठों से आप पर बोझ बढ़ता है, इन्हें खोलकर आजाद हो जाएं - DAILY NEWS

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Saturday, May 26, 2018

मन पर पड़ी गांठों से आप पर बोझ बढ़ता है, इन्हें खोलकर आजाद हो जाएं

रस्सी पर पड़ी गाठें मन पर पड़ी गांठों के समान है. ऐसी कितनी गांठों का बोझ आप रोज उठाते हैं. जैसे हम रस्सी की गांठें खोल सकते हैं, वैसे ही हम मनुष्य की समस्याएं भी हल कर सकते हैं.

from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2IIUzEV

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages