जब सीसीटीवी और दूसरी तकनीकें हार जाती हैं तब मनोज का काम शुरू होता है. 45 बरस के मनोज वो कलाकार हैं जो बिना देखे ही खूंखार अपराधियों को कागज पर हूबहू उतार पाते हैं. वे कहते हैं, चश्मदीद की यादों के आधार पर मुजरिम की तस्वीर उकेरना वैसा ही है मानो कोहरे में साफ देख पाना.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2svR61x
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